
नाहन (सिरमौर)। मौसम के बदलते मिजाज से सेहत नासाज है। बच्चे को खासकर वायरल ने अपनी चपेट में लिया है। जिला मुख्यालय सहित आसपास के कई इलाकों में पिछले पखवाड़े भर से मौसम करवटें बदल रहा है। कभी तेज चटख धूप तो कभी हल्की रिमझिम बारिश के चलते वातावरण में वायरल सक्रिय हो गया है। जो लोगों को बिस्तर पकड़ने पर मजबूर कर रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल नाहन की ओपीडी में हर रोज 50-60 नौनिहाल वायरल से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इन दिनों नाहन अस्पताल की मुख्य ओपीडी में सेन की सेर, चबाहां, जमटा, महीपुर, रामाधौण, बनेठी, आमवाला, सेनवाला, शंभूवाला, लोहारडी, जब्बल का बाग, कौलांवाला भूड तथा बर्मा पापड़ी आदि क्षेत्रों से अभिभावक अपने बच्चों का इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बच्चों का पहले शरीर गर्म हो रहा है। बाद में नाक से पानी बह रहा है। ऐसे में बच्चों का रोना निकल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनुपम चतुर्वेदी का कहना है कि मौसम परिर्वतन के चलते बच्चों कें इस तरह के लक्षण सामने आ रहे हैं। माताएं इस मौसम में अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें। बच्चों को दवा देते समय साबुन से अच्छी तरह अपने हाथ धो लें।
उड़ती धूल ने बढ़ाया मर्ज
बारिश होने के बाद धूल नमी के कारण जम जाती है। लेकिन चटख धूप खिलने पर यह डस्ट सूख कर वातावरण में उड़ जाती है। जो सीधे हमारे शरीर में प्रवेश कर जलन, गले में खराश, बुखार, एलर्जी की वजह बन रही है। क्षेत्रीय अस्पताल नाहन के चिकित्सा अधिक्षक डा. संजय शर्मा की मानें तो उबला पानी पीना सबसे सुरक्षित है। साथ ही साफ सुथरे कपड़े पहनें। बासी भोजन तथा फ्रीज में रखा ठंडा पानी तबियत खराब होने पर बिल्कुल भी न पीएं।
लापरवाही पड़ रही सेहत पर भारी
इन दिनों कई युवा तथा महिलाएं भी बुखार की चपेट में हैं। लेकिन दिनभर कामकाज में व्यस्तता के चलते लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी बरत रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ सावधानियों के चलते बीमार होने से बचा जा सकता है। बीमार महिला शकुंतला, रक्षा देवी, रूपा शर्मा एवं नारदा देवी का कहना है कि उन्हें कान, गले का डाक्टर कई दिनों से नहीं मिल रहा। इसके चलते उन्हें कई बार नाहन अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
– इस मौसम में बासी भोजन करने से बचें।
– पीने के लिए उबला हुआ प्रयोग करें।
– फास्ट फूड के सेवन से भी बचें।
– धूल से बचने के लिए नाक-मुंह पर रुमाल रखें।
– फ्रीज के ठंडे पानी से गले में इंफेक्शन का डर।
– बच्चों की डाइट पर खास ख्याल रखें।
– हरी सब्जियां, मौसमी फलों का सेवन फायदेमंद
